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आप भी आजमाएं

*💫मुँह से लार निकलनाः💫* *1️⃣ कफ की अधिकता एवं पेट में कीड़े होने की वजह से मुँह से लार निकलती है। इसलिए दूध, दही, मीठी चीजें, केले, चीकू, आइसक्रीम, चॉकलेट आदि न खिलायें। अदरक एवं तुलसी का रस पिलायें। कुबेराक्ष चूर्ण या 'संतकृपा चूर्ण' खिलायें।* *2️⃣ दो चम्मच कड़वे नीम के पत्तों का रस एक चम्मच गाजर का रस दोनों को मिलाकर के दीजिए।* *💫तुतलापनः💫* *पहला प्रयोगः सूखे आँवले के 1 से 2 ग्राम चूर्ण को गाय के घी के साथ मिलाकर चाटने से थोड़े ही दिनों में तुतलापन दूर हो जाता है।* *दूसरा प्रयोगः दो रत्ती शंखभस्म दिन में दो बार शहद के साथ चटायें तथा छोटा शंख गले में बाँधें एवं रात्रि को एक बड़े शंख में पानी भरकर सुबह वही पानी पिलायें।* *तीसरा प्रयोगः बारीक भुनी हुई फिटकरी मुख में रखकर सो जाया करें। एक मास के निरन्तर सेवन से तुतलापन दूर हो जायेगा।* *साथ में यह प्रयोग करवायें-* *अन्तःकुंभक करवाकर, होंठ बंद करके, सिर हिलाते हुए 'ॐ...' का गुंजन कंठ में ही करवाने से तुतलेपन में लाभ होता है।*   ¸.•*""*•.¸     ...

आयुर्वेद हर्बल

आयुर्वेद महाविद्या:: 🌸घर पर बनाईये बेहतरीन लिवर टॉनिक – आसान, कारगर विकल्प   🌻सब्जिओं, फलों, फसलों के पेस्टिसाइडस, पानी व अन्य पेयों के बैक्टेरिया, दूध, अण्डों व मांस उत्पादों में एंटीबायोटिक्स यदि हमारे शरीर में टिकने लगें तो जल्दी ही हमें इस धरा धाम से विदाई लेनी पड़ जायेगी. 🌻यह हमारा लिवर ही है जो आजकल के आहारों के विषों से बचा कर रखे हुए है. जानिये और घर पर बनाईये बेहतरीन लिवर टॉनिक, जो आपके लिवर को तंदुरुस्त रखने में आपके काम आ सकता है. 🌸लिवर (यकृत) हमारे तंत्र का एक म‍हत्‍वपूर्ण अंग है. 💐यह हमारी कुल शारीरिक क्रियाओं सब से अधिक कार्यकलापों में योगदान देता है जिनकी कुल संख्या 500 से ऊपर की है. 🌸भोजन चयापचय, ऊर्जा भंडारण, रक्त को स्वच्छ रखना, डिटॉक्सीफिकेशन, प्रतिरक्षा प्रणाली सहयोग और कई प्रकार के जीवरसायनों का उत्‍पादन; ये सब लिवर के ही काम हैं’ 🌼लिवर हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग भी है, जो वास्तव में ग्रंथि श्रेणी (Gland) का अंग है. 🌸यदि यह ठीक से कार्य न कर पाये, तो कई समस्याएँ खड़ी हो सकती है. 🌼हमें भी लिवर की उतनी ही फ़िक्र करनी चाहिए जितनी कि लिवर हमारी करता है 🌺वास...

हर्बल टी

*🌹होममेड ग्रीन टी / हर्बल टी 🌹* यक़ीन करे, घर मेँ बनी ग्रीन टी, बहुत सस्ती, बढ़िया व रियल भी होती हेँ ___. बनाये और पिये___ 100 ग्राम तुलसी पत्ता, धोकर छाँव मेँ या माइक्रोवेव मेँ सुखा ले,  100ग्राम हरी इलायची के दाने निकाल ले___ और अगर चाहे तो, छिलके सहित भी पीस सकते हेँ,  और 5 ग्राम मुलेठी कूट ले या पाऊडर ले ले.  अब इन तीनो को मिक्सी मेँ ग्राइंड कर ले___ और एक एयरटाइट डब्बे मेँ रख ले___ हो गयी ग्रीन टी तैयार ___ जब पीनी हो, 2 कप पानी मेँ, आधा चम्मच टी डालिये ___. अच्छे से ऊबालिये, और छान कर पीजीए । सुबह पीजिए या रात को सोते____ होममेड ग्रीन टी का फ़ायदा ही फ़ायदा हेँ____ # अगर कभी मन लेमन टी पीने का करे, तो इस चाय को छान कर, उसमे थोड़ा सा नीम्बू का रस निचोड़ ले___ ## और अगर जिंजर टी पीने का मन हो, तो चाय उबालते वक्त, एक छोटा सूँठ पाउडर ही डाल दे___ *🍁 घर में हर्बल टी बनाने का तरीका : -* आज के समय में, भारी संख्या में ऐसे लोग मौजूद हैं जो बढ़ते वजन से परेशान हैं___ भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और तनाव भरे जीवन के चलते, लोगों में वजन बढ़ना आम बात हो गई है___ ल...

महा कामदेव चूर्ण....

महा कामदेव चूर्ण।। शतावरी, गोखुरू, वीज बन्द, वंशलोचन, कवावचीनी, चोपचीनी, कौचवीज,सफेद मूसली, काली मूसली, सौठ, पीपल, काली मिर्च, विदारी कन्द,अश्वगन्धा सभी औषधि वरावर मात्रा मे ले तथा इन सव के वरावर निसौथ ले और फिर सव औषधि के वराबर मिश्री ले सब को कूट कर कपङ छन करके एक -एक चम्मच सुबह शाम दूध के साथ सेवन करे  सीघ्र पतन ,धात रोग, वीर्य पतला , इन्द्री का ढीलापन सब रोग ठीक होते है  किसी भी समस्या के लिए inbox मे msg करे  धन्यवाद।।

स्वेत प्रदर....लियोकोरिया

स्वेत प्रदर या रक्त प्रदर नाशक सुंदरी मित्र चूर्ण               🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 सालम पंजा 20 ग्राम, दक्षिणी सुपारी 20 ग्राम, छोटी इलायची के बीज 20 ग्राम, वंशलोचन 20 ग्राम , मोचरस 20 ग्राम, रूमी मस्तगी 20 ग्राम, समस्त औषधियों को पृथक पृथक बारीक पीसकर सबको एक स्थान पर मिला ले इसके बाद चांदी के वर्क 5 ग्राम,  मुक्ताशुक्ति 4 ग्राम,  प्रवालशाखा 4 ग्राम, लालवसद 4 ग्राम लेकर बारीक कर ले और पक्के खरल में डालकर अर्क गुलाब या अर्क केवड़ा के साथ घोटना प्रारंभ कर दें।  जहां तक की 150 ग्राम अर्क घोट घोट के सुखा दे एवं दवा सुरमें जैसी बारिक हो जाए फिर इसमें से 12 ग्राम दवा लेकर उपरोक्त चूर्ण में मिला दे। इसमें 30 ग्राम वट वृक्ष दुग्ध मिलाकर पुनः खरड़ में गोटे इसके बाद दवा के संभाग मिश्री बारिक करके मिला दे इसके बाद दवा की समान मात्राएं बना ले। सेवन विधि :– इसके बाद एक एक मात्रा गाय भैंस के दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करें। उपयोग:–  इस औषधि के 1 महीने सेवन करने मात्र से ही वर्षों पुराना जीर्ण प्रदर रोग भी ठीक हो जात...

योग भोग और रोग...

1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है। 2. *लकवा* - सोडियम की कमी के कारण होता है । 3. *हाई वी पी में* - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे । 4. *लो बी पी* - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें । 5. *कूबड़ निकलना*- फास्फोरस की कमी । 6. *कफ* - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं  7. *दमा, अस्थमा* - सल्फर की कमी । 8. *सिजेरियन आपरेशन* - आयरन , कैल्शियम की कमी । 9. *सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें* । 10. *अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें* । 11. *जम्भाई*- शरीर में आक्सीजन की कमी । 12. *जुकाम* - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें । 13. *ताम्बे का पानी* - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें । 14. *किडनी* - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये । 15. *गिलास* एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेसटेन्स होता...

प्रेम कभी तृप्त नहीं करता....

*प्रेम तृप्त नहीं करता** साधारणत: प्रेम तृप्त नहीं करता, और अतृप्त कर जाता है  कौन पति किस पत्नी से तृप्त हुआ है या कौन पत्नी किस पति से तृप्त हुई है या कौन मां किस बेटे से तृप्त हुई है कौन मित्र किस मित्र से तृप्त है कारण पूछो। क्या कारण है?  संसार में सभी लोग प्रेम करते हैं और अतृप्ति का ही अनुभव होता है कहीं तृप्ति नहीं होती क्योंकि प्रेम की जो खोज है, वह परमात्मा से ही तृप्त हो सकती है तुमने किसी को प्रेम किया, प्रेम करते ही तुम्हारी जो आकांक्षा होती है गहरे में वह यह होती है कि यह व्यक्ति परमात्मा जैसा हो वह सिद्ध नहीं होता परमात्मा जैसा, इसलिए अतृप्ति रह जाती है बेस्वाद हो जाता है मन, तिक्त हो जाता है तुम जब किसी व्यक्ति को प्रेम करते हो तो तुमने देखा कि तुम्हारी आकांक्षा होती है, इससे सुंदर और कोई न हो, इससे श्रेष्ठ कोई और न हो, इससे सत्यतर कोई और न हो तुमने परमात्मा की मांग कर ली तुमने सत्यम् शिवम् सौंदर्यम् कों मांग लिया। और निश्चित ही कोई व्यक्ति इस कसौटी पर खरा नहीं उतरता, तो धीरे — धीरे प्रेमी हताश हो जाता है वह कहता है कि नहीं, गलत जगह मांग लिया अमृत पीने गये थे औ...