स्वेत प्रदर....लियोकोरिया
स्वेत प्रदर या रक्त प्रदर नाशक सुंदरी मित्र चूर्ण
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सालम पंजा 20 ग्राम,
दक्षिणी सुपारी 20 ग्राम,
छोटी इलायची के बीज 20 ग्राम,
वंशलोचन 20 ग्राम ,
मोचरस 20 ग्राम,
रूमी मस्तगी 20 ग्राम,
समस्त औषधियों को पृथक पृथक बारीक पीसकर सबको एक स्थान पर मिला ले इसके बाद चांदी के वर्क 5 ग्राम, मुक्ताशुक्ति 4 ग्राम, प्रवालशाखा 4 ग्राम, लालवसद 4 ग्राम लेकर बारीक कर ले और पक्के खरल में डालकर अर्क गुलाब या अर्क केवड़ा के साथ घोटना प्रारंभ कर दें। जहां तक की 150 ग्राम अर्क घोट घोट के सुखा दे एवं दवा सुरमें जैसी बारिक हो जाए फिर इसमें से 12 ग्राम दवा लेकर उपरोक्त चूर्ण में मिला दे।
इसमें 30 ग्राम वट वृक्ष दुग्ध मिलाकर पुनः खरड़ में गोटे इसके बाद दवा के संभाग मिश्री बारिक करके मिला दे इसके बाद दवा की समान मात्राएं बना ले।
सेवन विधि :– इसके बाद एक एक मात्रा गाय भैंस के दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करें।
उपयोग:– इस औषधि के 1 महीने सेवन करने मात्र से ही वर्षों पुराना जीर्ण प्रदर रोग भी ठीक हो जाता है और दुबली पतली कृषकाय स्त्री भी सबल बन जाती हैं। बहुत ही उत्तम योग हैं।
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सालम पंजा 20 ग्राम,
दक्षिणी सुपारी 20 ग्राम,
छोटी इलायची के बीज 20 ग्राम,
वंशलोचन 20 ग्राम ,
मोचरस 20 ग्राम,
रूमी मस्तगी 20 ग्राम,
समस्त औषधियों को पृथक पृथक बारीक पीसकर सबको एक स्थान पर मिला ले इसके बाद चांदी के वर्क 5 ग्राम, मुक्ताशुक्ति 4 ग्राम, प्रवालशाखा 4 ग्राम, लालवसद 4 ग्राम लेकर बारीक कर ले और पक्के खरल में डालकर अर्क गुलाब या अर्क केवड़ा के साथ घोटना प्रारंभ कर दें। जहां तक की 150 ग्राम अर्क घोट घोट के सुखा दे एवं दवा सुरमें जैसी बारिक हो जाए फिर इसमें से 12 ग्राम दवा लेकर उपरोक्त चूर्ण में मिला दे।
इसमें 30 ग्राम वट वृक्ष दुग्ध मिलाकर पुनः खरड़ में गोटे इसके बाद दवा के संभाग मिश्री बारिक करके मिला दे इसके बाद दवा की समान मात्राएं बना ले।
सेवन विधि :– इसके बाद एक एक मात्रा गाय भैंस के दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करें।
उपयोग:– इस औषधि के 1 महीने सेवन करने मात्र से ही वर्षों पुराना जीर्ण प्रदर रोग भी ठीक हो जाता है और दुबली पतली कृषकाय स्त्री भी सबल बन जाती हैं। बहुत ही उत्तम योग हैं।
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